हमारी
मोहब्बत में वज़न ना सही
कभी
उसकी चाहत
ही परख ली होती
माना वो ज़ुबान से सब कहता गया
माना वो ज़ुबान से सब कहता गया
काश
हमारी नज़र ही देख ली होती
क्या पाया तुमने यह दिल तोड़ कर
क्या पाया तुमने यह दिल तोड़ कर
पहले
कुछ कोशिश ही कर ली होती
माना मुश्किल था हम पर ऐतबार
माना मुश्किल था हम पर ऐतबार
उसकी
नियत
ही आज़मा ली होती
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