ना
कोई तक़ाज़ा है ना
ही हुज्जत
सिर्फ़ पाक उलफत नज़र आती है
मेरे मासूम लख्त-ए-जिगर में
एक पूरी कायनात नज़र आती है
तक़ाज़ा = demands ; हुज्जत = arguments ; पाक उलफत = pure love
सिर्फ़ पाक उलफत नज़र आती है
मेरे मासूम लख्त-ए-जिगर में
एक पूरी कायनात नज़र आती है
तक़ाज़ा = demands ; हुज्जत = arguments ; पाक उलफत = pure love
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