Thursday, 10 October 2013

वो  ही चेहरा और वो  ही कशिश ,
क्यूँ मुस्कान-ए-मंज़र अजनबी सा है
 
वो  ही आँखे और वो  ही शरारतें ,
क्यूँ नज़र-ए-अंदाज़ अजनबी सा है
 
वो  ही बातें और वो  ही वादे ,
क्यूँ जामा-ए-ऐतबार अजनबी सा है
 
  वो ही कोशिशें और वो ही दिलकशी ,
क्यूँ जुनून-ए-खब्त अजनबी सा है
 
वो  ही हसरतें और वो  ही जज़्बात ,
क्यूँ दिल-ए-मासूम अजनबी सा है
 
  वो  ही माशूक़ और वो  ही आशिकाई ,
क्यूँ यकीन-ए-उलफत अजनबी सा है

मुस्कान-ए-मंज़र = facial charm ;   नज़र-ए-अंदाज़ = attitude ;   जामा-ए-ऐतबार = trustworthiness
जुनून-ए-खब्त = resolution ;   दिल-ए-मासूम = innocent heart ;   यकीन-ए-उलफत = belief on love
 

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