वो हज़ार वजह देते हैं हमसे बात
ना कर पाने की
कोई उन्हे बताये की वो खुद को
तसल्ली दे रहे हैं
हम तो हमेशा से ही मौजूद रहे लम्हों
के दरमियाँ
वो ही जाने क्यूँ हमारे वजूद से
इनकार कर रहे हैं
लम्हों
= moments
; दरमियाँ = amongst ;
वजूद = existance
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